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World entrepreneurship day
Posted on 27/08/2026
विश्व उद्यमिता दिवस (21 अगस्त, 2026) के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में विद्यार्थियों को उद्यमिता, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रेरित करने हेतु माननीय मुख्यमंत्री जी हरियाणा के प्रेरणादायी संबोधन कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में उद्यमिता, नवाचार, रचनात्मक सोच, आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार के प्रति जागरूकता उत्पन्न करना रहा। इस संबोधन कार्यक्रम का निर्देशन प्राचार्य श्री हरि ओम जी द्वारा किया गया एवं संचालन प्लेसमेंट सेल प्रभारी श्री नसीब गुलिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और मुख्यमंत्री के प्रेरणादायी संबोधन को ध्यानपूर्वक सुना।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को पारंपरिक रोजगार की तलाश करने के साथ-साथ स्वंय रोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने, नए विचारों को विकसित करने तथा नवाचार को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा अपनी प्रतिभा, कौशल और रचनात्मक सोच के माध्यम से न केवल अपने लिए रोजगार के अवसर पैदा कर सकते हैं, बल्कि अन्य युवाओं को भी रोजगार प्रदान कर देश और प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। प्रसारण के दौरान विद्यार्थियों को स्टार्टअप, स्वरोजगार, कौशल विकास, नवाचार तथा आत्मनिर्भरता से संबंधित विभिन्न अवसरों की जानकारी भी दी गई। विद्यार्थियों ने माननीय मुख्यमंत्री जी के विचारों को प्रेरणादायी बताते हुए भविष्य में अपने नए विचारों को उद्यम के रूप में विकसित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय प्राचार्य ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवा केवल नौकरी पाने वाले नहीं, बल्कि नौकरी देने वाले बनने की सोच विकसित करें। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी रुचि और प्रतिभा के अनुरूप नए प्रयोग करने तथा आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। महाविद्यालय प्राचार्य ने विद्यार्थियों को माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश से प्रेरणा लेते हुए अपने कौशल को पहचानने, नए विचारों पर कार्य करने और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों ने उद्यमिता एवं स्वरोजगार को लेकर विशेष रुचि दिखाई तथा भविष्य में अपने नवाचारों को व्यावहारिक रूप देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का समापन विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, नवाचारी एवं रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित करने के संकल्प के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने सक्रिय भाग लिया व कार्यक्रम में शिक्षक सदस्य व गैर-शिक्षक सदस्य भी उपस्थित रहें।
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